दोनों टीमें ग्रुप में शीर्ष स्थान के लिए संघर्ष कर रही हैं, ऐसे में लिथुआनिया की अधिक संतुलित टीम और उनकी निरंतर रक्षात्मक संगठित संरचना के कारण मेहमान टीम पर दांव लगाना एक उचित दिशा-आधारित विकल्प लगता है। लिथुआनिया ने दिखाया है कि वे अलग-अलग प्रतिद्वंद्वियों के अनुसार खुद को ढाल सकती हैं, जबकि बोस्निया ने केवल ग्रुप की सबसे कमजोर टीमों के खिलाफ दबदबा बनाया है और सघन रक्षापंक्ति को तोड़ने में नाकाम रही है। हालिया क्वालिफायर्स में लिथुआनिया का रक्षात्मक रिकॉर्ड कहीं बेहतर रहा है, जिसने अपने पिछले 6 मैचों में सिर्फ 2 गोल खाए हैं, जबकि मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ बोस्निया ने ज्यादा गोल गंवाए हैं। यह रणनीतिक सेटअप लिथुआनिया की जीत की ओर इशारा करता है, हालांकि बोस्निया का अचानक आक्रामक उछाल इस समीकरण को बदल सकता है।