यह नॉर्वेजियन फर्स्ट डिवीजन का यह निर्णायक रिलीगेशन मुकाबला है, जिसमें गोलों की लाइन में आए बदलाव ने साफ संकेत दिए हैं कि ओवर दांव पर विचार किया जा सकता है।
सबसे पहले लाइन मूवमेंट पर नजर डालें। शुरुआती दौर में, कई बुकमेकर्स ने 3 गोल की लाइन खोली थी, और ओवर का रिटर्न 0.73 से 0.89 के बीच कम स्तर पर था। मैच के करीब आते-आते लाइन और ऊपर गई, कुछ संस्थानों ने इसे 3 से बढ़ाकर 3/3.5 गोल कर दिया, जबकि ओवर की वैल्यू फिर भी मजबूत बनी रही। और भी अहम बात यह है कि कुछ बुकमेकर्स ने 2.5 गोल की लाइन पर ही डटे रहकर ओवर के रिटर्न को 0.48 जैसे बेहद निचले स्तर तक गिरा दिया। ऐसी छोटी लाइन पर बेहद कम रिटर्न देना आमतौर पर लाइन घटाकर जोखिम नियंत्रित करने की रणनीति होती है, जो दिखाती है कि बुकमेकर्स को पूरे मैच में कम से कम 3 गोल होने का काफी डर है। कुछ संस्थानों ने 3.5 गोल से पीछे हटते हुए भी ओवर के रिटर्न को बेहद कम बनाए रखा। शुरुआती लाइन से लेकर लाइव लाइन तक पूरे पैटर्न का रुझान साफ तौर पर ओवर की ओर इशारा करता है।
मूलभूत आंकड़ों की बात करें तो, मेजबान टीम के पिछले 10 मैचों में ओवर की दर 50% रही है। उसके 7 घरेलू मैचों में से 4 में कुल गोल 3 या उससे अधिक रहे, जिससे टीम की खेल शैली काफी खुली नजर आती है। मेहमान टीम के पिछले 6 मैचों में भी 3 बार ओवर लगा है, और डिफेंस में वह प्रति मैच लगभग 2 गोल खा रही है। दोनों टीमों के बीच पिछले 6 मुकाबलों में 3 बार कुल गोल 2.5 से ऊपर गए हैं। रिलीगेशन की इस जंग में दोनों टीमों को अंक हासिल करने ही होंगे, इसलिए मैच की रफ्तार धीमी नहीं रहने वाली। ऐसे में ओवर की दिशा पर दांव लगाना उचित लगता है।